सुप्रभात मित्रों,
1. बहुत सालों बाद सुप्रिया एक अनपढ़ मजदूर औरत कल मेरे क्लीनिक में अाई । उसके सारे दुख दर्दोंका चलत चित्र मेरे मन पटल पर उजागर हुआ । उसके बारे में मैंने इसके पूर्व लिखा भी था । थोड़े में बताना है तो बात यह थीं की अल्प आयु में ही उसका ब्याह रचाया गया और वह भी 15 साल बड़े आदमी से और वह उसे बहुत पीड़ा देता था और आज भी दे रहा है । फर्क इतना है की ...वही आज का फीडबैक है ...थोड़े काम की बातें होने के बाद वो एकदम फुले हुए जैसे चेहरे से बोली ' डॉक्टर भय्या जो आप कहते थे ना बिल्कुल वैसा ही करती हूं । ' ' मतलब क्या ? ' मैंने पूछा । तो कहती है के ' आप को याद है ना की मेरा मर्द मेरेको पीटता था और मै कुछ भी नहीं कर पाती थी और आप बोलते थे की कुछ तो करो कम से कम उसका हाथ तो पकड़ो । पर मेरा धैर्य नहीं था । लेकिन डॉक्टर साहब अब बिलकुल वैसा नहीं है । सिर्फ हात पकड़ना ही क्या उलटा में जब वो मरेको मारता है ना तो मै भी उसको दो की जगह ३/४ लगा ही देती हूं । कितने दिन फुकट का मार खाऊ ? ' बाकी उसका केस बहुत उलटा सीधा है बोले तो उलटा ही है पर एक बात है की कम से कम इस प्रतिकार के कारण उसकी पिटाई जरूर कम हुई है और प्रतिकार के कारण उसको जो एकदम निर्बल ता का भाव मन में था वह भी चला गया है । एक आत्मविश्वास जागा है ।
२. एडवोकेट शालिनी वैसी मेरी नयी पेशंट है पर बहुत सोशल है और मुक्त भाव से बोलती है । मैंने उसे सुप्रिया की कहानी बताई तो एकदम झटसे बोली ' ये तो सच है पर मध्यम और उच्च मध्यम वर्ग में तो सब उलटा ही चल रहा है ' ... वैसे मै थोड़ा जादे ही बोलता हू पर सच में गॉड प्रोमिस, वास्तव में मुझे सुनना पसंद है । तो जब सामने वाला बोलने वाला हो तो मै अपने शब्दो को सीमित कर देता हू मैंने सिर्फ वही पूछा ' मतलब ? ' तो मैडम बोली की आजकल तो महिला अत्याचार के कलम के दुरुपयोग की ही बहुत जादे केसेस आ रही है । कितनी तो पैसे के लिए शादी और तलाक की है । बहुत दुखी हो जाते है पूरे परिवार के सदस्य इस कारण ।'
मै सोचने लगा हे भगवान की अब यह स्त्री शक्ति जागरण जैसे पुरुष शक्ति जागरण की भी जरूरत होगी क्या ?
पर जबाब तो मेरे पास था ही की ना कोई स्त्रीवाद ना पुरुष वाद बल्कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है जिसका पाठ बचपन में हमे मिलता है और फिर हम उस संस्कार को कभी का छोड़ देते है उसे ही उजागर करना चाहीए ।
३ . कल जनता बैंक में गया था तो संजू एकदम सामने आ गया मेरे फेसबुक पोस्ट में उसके लाईक शेयर तो आप नहीं देखेंगे पर बात तो बहुत दिल से और महत्व पूर्ण कहीं संजू ने ' आज कल बहुत अच्छे विषय लिख रहे हो डॉक्टर साहब परसो का को जो विषय लिखे हो ना वह समस्या मेरे भी परिवार में है और मै आपको मिलने आ रहा हू उसके लिए और फिर आप तो अपना नंबर भी देते हो बहुत पुण्य का काम है जी ' बहुत लोग आसपास होने के कारण मैंने कुछ पूछा तो नहीं पर इतना कह दिया ' जरूर भय्या '
हम यदि सोचते है और फिर करते है तो बहुत फर्क हो सकता है
धन्यवाद
May God ईश्वर अल्लाह वाहे गुरु येहोवा तीर्थंकर बुद्ध - The Almighty bless you.
Dr Prasad Phatak Pune 9822697288
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